शब्द 

एक और संयुक्त प्रयास ब्लॉगर जंक्शन परिवार की तरफ़ से।

bhaatdaal

छोटी सी बगिया है हमारी जिसका नाम है “Bloggers Junction” जहाँ एक से बढ़कर एक , हर तरह के “शब्दों “के खिलाड़ी मौजूद हैं , जो शब्दों से खेलकर नए नए फूल खिलाते हैं ,और हमारी बगिया को शोभायमान करते हैं । आज की संरचना सभी के शब्दों का निचोड़ है .. सभी ने अपने शब्द मेरी कविता के लिए दिए हैं .. मैं उन सभी की आभारी हूँ और गौरवान्वित हूँ की मेरे ब्लॉग पे यह कृति पेश की जा रही है ..


P. S. : शब्द पे लिखी गई यह करती सभी की कविताओं का मिलन है । आशा है हमारा यह प्रयास सभी को पसंद आएगा


“शब्द”

ओ शब्द!

गरलन तुम हो जाना,

तोड़ न देना कोई

रिश्ता पुराना।


ओ शब्द !

रिश्तों में मिश्री
तुमसे ही हो,

प्रसन्नता का तुम

सबब बन जाना।

ओ शब्द!

पहचान मेरी

तुम ही बनो

और रचना की तुम

गरिमा…

View original post 249 more words

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23 thoughts on “शब्द 

  1. जैसी परिभाषा आपने शब्द की दी है, वो अतुलनीय एवम् शानदार है। शब्दों के मेल से जो रचनाये लेखक, कवी एवम् कोलुमनिस्ट करते है, उस से दुनिया को एक बड़ी ड्राइविंग फ़ोर्स मिलती है। शब्दों की शक्ति का विवेचन करना मुश्किल सा है। कहा जाता है शब्दों से आप पुरे दुनिया को बिना कुछ बोले अपनी बात समझा सकते है, असीम है श्ाब्दों में उम्मीदे, असीम है परिभाषा। आपके ब्लॉग को मैंने फॉलो किया है, आप चाहे तो मेरे ब्लॉग को पढ़/फॉलो कर सकते है। 😊

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